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Government of India भारत सरकार

Ministry of Power विद्युत मंत्रालय

Central Electricity Authority केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण

वित्तीय और वाणिज्यिक मूल्यांकन

संक्षिप्त विवरण

प्रभाग मुख्य (मुख्य अभियन्ता) : श्री गौतम घोष

ईमेल : cefca[dot]cea[at]gov[dot]in

इंटरकॉम : 2673-2404, 3515-1685

वित्तीय वाणिज्यिक मूल्यांकन प्रभाग की गतिविधि
1. परमाणु ऊर्जा के लिए के वी प्रा में नोडल प्रभाग: 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु क्षमता प्राप्त करने के लिए विद्युत क्षेत्र के प्रयासों को आगे बढ़ाना। परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए विद्युत शुल्क निर्धारण हेतु भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड के प्रस्तावों की जांच करना। 2. एक सुदृढ़ एवं टिकाऊ जल विद्युत क्षेत्र के लिए प्रयास: जल विद्युत परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्टों का वित्तीय एवं वाणिज्यिक मूल्यांकन। एक धारणीय जल विद्युत टैरिफ के लिए नवीन मॉडलों की खोज। भूटान, नेपाल आदि पड़ोसी देशों की जल विद्युत परियोजनाओं से भारत में विद्युत आयत टैरिफ के वार्ताओं का नेतृत्व करना। 3.के वी प्रा में हरित हाइड्रोजन के लिए नोडल प्रभाग: देश में हरित हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था को सुगम बनाना । हरित हाइड्रोजन क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय आवश्यकताओं के साथ तालमेल बिठाना। विद्युत क्षेत्र में हरित हाइड्रोजन के उपयोग के वैकल्पिक तंत्रों की खोज करना। 4.विद्युत क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना: ताप विद्युत उत्पादन, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और पारेषण परियोजनाओं के लिए टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली हेतु दिशानिर्देश और मानक बोली दस्तावेज़ तैयार करना। हितधारकों की चिंताओं को सुनिश्चित करते हुए नीतियों के कार्यान्वयन में आने वाली समस्याओं का समाधान करना। 5.के वी प्रा का नीति एवं हिमायत केंद्र: टैरिफ नीति, राष्ट्रीय विद्युत नीति तैयार करने हेतु प्रमुख प्रभाग। सभी उपभोक्ताओं को न्यूनतम लागत पर बिजली उपलब्ध कराने हेतु विद्युत अधिनियम के अंतर्गत नियम बनाने में प्रमुख भूमिका निभाना। 6.राष्ट्रीय हित के प्रस्तावों की वित्तीय जाँच: व्यवहार्यता रिपोर्ट (एफआर), संशोधित लागत अनुमान (आरसीई) और सार्वजनिक निवेश बोर्ड (पीआईबी) के प्रस्तावों की जाँच। प्रौद्योगिकी संशोधनों और अनुकूलनों का वित्तीय प्रभाव विश्लेषण। वित्तीय और वाणिज्यिक पहलुओं से नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन योजनाओं के प्रस्तावों की जाँच। 7. परामर्श और सूचना प्रसार: केंद्र/राज्य/निजी और अन्य विद्युत उपयोगिताओं/सरकारी विभागों आदि को वित्तीय और वाणिज्यिक पहलुओं पर सलाह। संसद के प्रश्नों तथा उपरोक्त मुद्दों पर वीआईपी संदर्भ के उत्तर तैयार करना,। 8. डीकार्बोनाइजेशन और जलवायु वित्त: विद्युत क्षेत्र के लिए भारतीय कार्बन बाजार और जलवायु वित्त वर्गीकरण के कार्यान्वयन को संचालित करने वाली टीम का हिस्सा।
नाभिकीय
दिशानिर्देश
  • ▶ एक्ट की धारा 63 के तहत बिजली की खरीद के लिए गाइडलाइंस
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  • ▶ टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली दिशानिर्देश
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अन्य आख्यायें