1. विद्युत प्लांट्स को कोयला ब्लॉक्स प्रदान करने के प्रस्तावों की जांच।
2. जनरेटिंग प्लांट्स की श्रेणी में परिवर्तन के प्रस्तावों की जांच, अर्थात् सीपीपी से आईपीपी और उल्लिखित की ओर।
3. थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स की निगरानी जिन्हें पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त हो गई है, मुख्य प्लांट उपकरण के आदेश जारी करने तक।
4. ऊर्जा उत्पादन के लिए आवंटित कैप्टिव कोयला ब्लॉक्स के विकास की निगरानी, साथ ही उपयोग के परियोजना की स्थिति।
5. मंत्रालय को कोयला संबंधित अनुसंधान के लिए सलाह देना, केंद्र सेक्टर और राज्य सेक्टर के थर्मल पावर प्लांट्स के लिए।
6. कोयला ब्लॉक की आवंटन के खिलाफ केंद्रीय और राज्य सेक्टर के थर्मल पावर प्लांट्स के लिए ब्रिज-लिंकेज की सिफारिश करना।
7. कोयला संबंधित निजी विकसकों के लिए शक्ति नीति के तहत सभी कोयला लिंकेज नीलामी में मंत्रालय के साथ समन्वय करना।
8. राज्यों को शक्ति खरीद के लिए शक्ति नीति के तरीके पर उपयुक्त कोयला लिंकेज की आवंटन।
9. थर्मल पावर प्लांट्स से उपयुक्त सीवेज जल का उपयोग की निगरानी।